रायपुर में 1 नवंबर से लागू होगा पुलिस कमिश्नर सिस्टम

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल्द ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के बाद डीजीपी अरुण देव गौतम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 7 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की एक टीम बनाई गई है। एडीजी प्रदीप गुप्ता को ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह टीम अन्य राज्यों की प्रणाली का अध्ययन कर मसौदा तैयार करेगी और डीजीपी को सौंपेगी। रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला होगा, जहां 1 नवंबर 2025 से यह प्रणाली लागू होगी।

रायपुर में बढ़ते अपराध ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ महीनों में रायपुर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ा है। जनवरी 2025 से अब तक 6 हजार से अधिक केस दर्ज किए गए हैं। इनमें 50 से ज्यादा हत्या के मामले शामिल हैं, जिनमें ज्यादातर आरोपी पहले से अपराधी नहीं थे। चाकूबाजी के 65 से अधिक केस, लूट, चोरी और नशीली पदार्थों की बिक्री के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। धार्मिक विवादों के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

कमिश्नर प्रणाली से क्या बदलेगा?

कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर पुलिस को कलेक्टर जैसे अधिकार मिलेंगे। कमिश्नर मजिस्ट्रेट की तरह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकेंगे। पुलिस को शांति भंग की आशंका में हिरासत, गुंडा एक्ट, रासुका जैसी धाराएं लगाने की ताकत मिलेगी। साथ ही, होटल–बार और हथियारों के लाइसेंस जारी करने, धरना–प्रदर्शन की अनुमति देने और दंगों में बल प्रयोग जैसे फैसले सीधे पुलिस स्तर पर लिए जा सकेंगे।