विधवा महिलाओं से दुष्कर्म और ठगी के आरोपी अविनाश प्रजापति ने पुलिस रिमांड में किए खुलासे, पत्नी चंद्रिका निकली मास्टरमाइंड

भोपाल: भोपाल में कॉर्पोरेट कंपनी और बैंक में काम करने वाली विधवा महिलाओं से रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाले आरोपी अविनाश प्रजापति ने पुलिस रिमांड में बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि पीड़िताओं को शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और उनका वीडियो शूट करने का आइडिया उसकी दूसरी पत्नी चंद्रिका पालीवाल का था। योजना यह थी कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिलाएं शिकायत करने से डरेंगी और लंबे समय तक ब्लैकमेल की जा सकेंगी।
शनिवार को अविनाश की पुलिस रिमांड समाप्त हुई। इसके बाद बाग सेवनिया पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं उसकी पत्नी चंद्रिका पालीवाल अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

चंद्रिका का अपराधी सफर

जांच में पता चला कि चंद्रिका पालीवाल सिर्फ इस अपराध में शामिल ही नहीं थी, बल्कि कई संदिग्ध गतिविधियों में उसका नाम पहले भी सामने आ चुका है। वह मिर्ची बाबा के राजनीतिक नामांकन में बतौर प्रस्तावक शामिल रही थी और 2023 में चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे पर उसके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
कैसे बने पति-पत्नी साझीदार
अविनाश प्रजापति नरसिंहपुर का रहने वाला है और डेढ़ साल पहले ही भोपाल आया था। वह पहले शाहपुरा थाना क्षेत्र के रोहित नगर में रहता था। उसकी पढ़ाई पूरी होने पर घर वाले द्वारा शादी कर दी गई थी, पर पहली पत्नी से तलाक हो गया था। भोपाल के मिसरोद इलाके में वह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव थी। इसी दौरान लग्जरी कार खरीदते वक्त उसकी मुलाकात चंद्रिका पालीवाल से हुई थी जो राजगढ़ जिले की रहने वाली है। मुलाकात के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने पर शादी करली।
पुलिस के मुताबिक, चंद्रिका अविनाश से ज्यादा शातिर है। उसका भाई सूरज पालीवाल भी ठगी के मामलों में शामिल बताया जाता है। तीनों के खिलाफ झांसी जिले के चिरगांव थाने में 2023 में गबन का केस दर्ज हुआ था। इसी दौरान जेल में रहते हुए उनकी मुलाकात मिर्ची बाबा से हुई थी।
बिजनेस में नुकसान होने के बाद दोनों ने 2023 से मेट्रिमोनियल साइट्स के जरिए तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को निशाना बनाना शुरू किया। आरोपी के खिलाफ पहले भी लोहे का सरिया बेचने, एप बनाने और निवेश के नाम पर ठगी करने जैसी कई एफआईआर दर्ज हैं।

कैसे बने पति-पत्नी साझीदार

चंद्रिका पालीवाल मूलतः राजगढ़ जिले की रहने वाली है। भोपाल के मिसरोद इलाके में वह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव थी। इसी दौरान लग्जरी कार खरीदते वक्त उसकी मुलाकात अविनाश से हुई और दोनों में नजदीकियां बढ़ीं। बाद में दोनों ने शादी कर ली।

पुलिस के मुताबिक, चंद्रिका अविनाश से ज्यादा शातिर है। उसका भाई सूरज पालीवाल भी ठगी के मामलों में शामिल बताया जाता है। तीनों के खिलाफ झांसी जिले के चिरगांव थाने में 2023 में गबन का केस दर्ज हुआ था। इसी दौरान जेल में रहते हुए उनकी मुलाकात मिर्ची बाबा से हुई थी।

यह है पूरा मामला

बाग सेवनिया थाना पुलिस ने 2-3 सितंबर की रात को दो अलग-अलग एफआईआर (529 और 530/25) दर्ज की थीं। इनमें अविनाश मुख्य आरोपी है। आरोप है कि उसने तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को मेट्रिमोनियल साइट्स पर शादी का वादा करके अपने जाल में फंसाया।
उसने पहले से शादीशुदा होने और बच्चों की बात छिपाई फिर पीड़िताओं से शारीरिक संबंध बनाए और वीडियो रिकॉर्ड किए।
उन्ह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया और खुद को एक कंपनी का सीईओ बताकर निवेश के नाम पर पैसे भी ऐंठे। पुलिस जांच में सामने आया कि ब्लैकमेलिंग से निकाली गई रकम चंद्रिका पालीवाल के बैंक खाते में जमा हुई।