भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 35-40 हजार यात्री आवागमन करते हैं। यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्म-एक और छह की ओर 10 मिनट की ड्राप एंड गो सुविधा तथा इंटीग्रेटेड पार्किंग की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को आसानी से उतरने-चढ़ने की सुविधा देना और स्टेशन परिसर में जाम की समस्या से निजात दिलाना था। शुरूआत में इस व्यवस्था से कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन धीरे-धीरे यह योजना असफल साबित हो रही है। निर्धारित समय सीमा का पालन न होना, वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और नियमों की अनदेखी के कारण अब स्टेशन के दोनों ओर आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इससे न केवल यात्री बल्कि आसपास का आमजन भी परेशानी का सामना कर रहा।
प्लेटफार्म के बाहर आटो चालकों का काब्जा, लग रहा जाम
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर बड़ी संख्या में आटो चालकों का कब्जा बना हुआ है। सवारी के इंतजार में आटो चालक सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे ड्राप एंड गो सुविधा प्रभावित होती है और वाहनों को जाम का सामना करना पड़ता है। कई आटो चालक तो सीधे प्लेटफार्म तक पहुंचकर यात्रियों को रोकते हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। फुट ओवरब्रिज के पास भी उनका जमावड़ा बना रहता है, जिसके कारण यात्रियों को चढ़नेउतरने में परेशानी होती है। इस स्थिति से यात्रियों की दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं और व्यवस्था अव्यवस्थित होती जा रही है।
बैठक हुई, कार्रवाई ठंडी पड़ी
स्टेशन पर आटो चालकों की अव्यवस्था को रोकने के लिए रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें निर्देश दिया गया था कि नियम तोड़ने वाले आटो चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आरपीएफ ने शुरूआती दौर में ऐसे चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की, जिससे थोड़े समय के लिए सुधार देखने को मिला, लेकिन बाद में कार्रवाई ठंडी पड़ गई और स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई। वर्तमान में आटो चालकों का कब्जा जस का तस बना हुआ है, जिससे ड्राप एंड गो सुविधा प्रभावित हो रही है और यात्री रोजाना परेशान हो रहे हैं।