शहर में फीडर छोटे किए जाएंगे, ट्रिपिंग की समस्या रोकने बदले जाएंगे हाइटेंशन के तार

बारिश के दिनों में अक्सर लाइट ट्रिपिंग के कारण लोगों को घंटों को बिजली का इंतजार करना पड़ता है। अब विभाग इससे निजाते दिलाने के लिए काम में लग गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। गौरतलब है कि नए और पुराने शहर में हवा में झूलती दिख रही 33 केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइन का ज्यादातर हिस्सा 69 साल पुराना है। अब इस लाइन के दिन फिरने वाले हैं। वजह यह है कि लगभग सात दशक पुरानी इस हाई टेंशन लाइन के पतले तारों को हटाकर उनकी जगह मोटे तार बिछाए जाएंगे।यह काम पूरा होने के बाद शहर को ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी।

शहर के इन हिस्सों में भी बदलेंगे तार

शहर के चोरों कोनों अरेरा कॉलोनी से लेकर शाहपुरा तक, चुना भट्टी से लेकर कोलार तक, आईएसबीटी से लेकर मिसरोद तक, जहांगीराबाद से हमीदिया और फतेहगढ़ तक, रचना नगर से अयोध्या बायपास तक चांदबड़, सुल्तानिया रोड, एयरपोर्ट रोड तक के इलाकों में यह काम किया जाएगा। मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी के सिटी सर्किल के जनरल मैनेजर बीबीएस परिहार ने बताया कि राज्य शासन की सिस्टम स्ट्रेंथिंग योजना के तहत यह काम हफ्ते बर्बाद शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान फीडर भी छोटे किए जाएंगे। जिन ट्रांसफार्मर ऊपर क्षमता से अधिक लोड है, उसे भी कम किया जाएगा।

पुरानी लाइन नहीं ले पा रही लोड

अभी 125 से ज्यादा कालोनियों में होती है ट्रिपिंग, 65 फीडर्स पर महीने में 10 से ज्यादा ट्रिपिंग पुरानी लाइन मौजूदा लोड बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इस कारण नए शहर की 125 से ज्यादा कॉलोनी में ट्रिपिंग से लोग परेशान होते हैं।