भोपाल: राजधानी में केरवा डैम, कलियासोत, हथाईखेड़ा के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर अधिकारी भी गंभीर नहीं है। कैचमेंट एरिया में सीमांकन तो होता है, लेकिन कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। यहां बगैर किसी डर के लोग अवैध कब्जे करते जा रहे हैं और प्रशासन आंख मूंदे हुए है। कैचमेंट क्षेत्र में भी लोगों ने बड़ी-बड़ी इमारतें, बंगले, मकान, शादी गार्डन आदि का निर्माण किया है। यही हाल हथाईखेड़ा डैम के आसपास है। अनदेखी के चलते यहां अतिक्रमण हुए हैं। पिछले दिनों हुए सीमांकन में पता चला कि डैम के आसपास भूमाफिया ने अवैध कालोनी विकसित कर प्लाट बेचकर मोटी रकम कमाई है। अब प्रशासन जमीन के दस्तावेजों का पता लगा रहा है। लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। अतिक्रमणकारियों द्वारा मुनारे तक गायब कर दी जाती हैं। हर बार सीमाकंन के बाद मुनारे लगाई जाती हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में मुनारे गायब कर दी जाती हैं।
डैम के आसपास मिले थे 129 अतिक्रमण
केरवा और कलियासोत डैम के कैचमेंट क्षेत्र में दो साल पहले सीमांकन के दौरान लगभग 129 अतिक्रमण मिले थे, जिन्हें चिन्हित भी किया गया था। इसकी रिपोर्ट तैयार कर बकायदा नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कुछ समय बाद मामला फाइलों में बंद हो गया। बीते दो सालों में लोगों ने यहां जमकर कब्जे किए हैं और पक्के निर्माण तक बना लिए हैं। एनजीटी जब-जब संज्ञान लेती है तो जिम्मेदारों को जलस्रोतों की सीमाएं याद आती हैं। यहां सीमाकंन होता है पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई नहीं होती।