भोपाल: बेपटरी हो चुके शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का व्यवस्थित होने में अभी पांच माह का समय लग सकता है। निजी बस आॅपरेटर से भी 95 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए अनुबंध हुआ है। यह बसें भी फरवरी के बाद से ही चलना शुरू होंगी। दरअसल केंद्र सरकार की योजना के अनुसार भोपाल व इंदौर सहित अन्य बड़े शहरों में डीजल बसों का संचालन पूरी तरह से बंद करना है। अगले एक साल में शहर के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का ही संचालन हो सकेगा। डीजल बसों के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, ताकि कार्बन उत्सर्जन को कंट्रोल कर ग्रीन हाउस गैसों को वातावरण में जाने से रोका जा सके। शहर में पीएमई बस योजना के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं। अधिकारियों के अनुसार इनकी खेप शहर में एक साल पहले तक 368 डीजल व सीएनजी बसों का संचालन किया जाता था। लेकिन विभिन्न ऑपरेटर के साथ बीसीएलएल का अनुबंध समाप्त हो जाने से शहर में अभी 95 बसों को 24 रूट्स पर चलाया जा रहा है।