बिहार के 4 कोर्ट को RDX से उड़ाने की धमकी: तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में प्रवासी मजदूरों और ISI का जिक्र; पटना से गया तक अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

बिहार के न्यायिक गलियारों में आज उस वक्त दहशत फैल गई जब एक अज्ञात ईमेल के जरिए राज्य के चार प्रमुख न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस ईमेल में दावा किया गया कि पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज और गया सिविल कोर्ट के परिसरों में 3 RDX रखे गए हैं। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आनन-फानन में अदालतों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

खाली कराए गए कोर्ट परिसर, अफरा-तफरी का माहौल

धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी लक्षित अदालतों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। पटना सिविल कोर्ट में जैसे ही आरडीएक्स की खबर फैली, वकील और जज अपने चैंबर छोड़कर बाहर निकल आए। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे परिसर को खाली कराकर मुख्य द्वारों को बंद कर दिया। सुरक्षा कारणों से कैदियों, गवाहों और आम फरियादियों को कोर्ट में प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें वापस लौटा दिया गया। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) फिलहाल हर कोने की तलाशी ले रहा है।

तमिलनाडु कनेक्शन और ‘प्रवासी मजदूर’ का मुद्दा

किशनगंज के एसपी सागर कुमार ने बताया कि शुरुआती तकनीकी जांच में इस धमकी के तार तमिलनाडु से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ईमेल भेजने वाले ने तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए इसे स्थानीय जनसांख्यिकी के लिए खतरा बताया है। गौरतलब है कि अगस्त में मिली पिछली धमकी में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग का भी जिक्र किया गया था, जिसके बाद से केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले पर नजर रख रही हैं।

3 महीने में 5वीं बार धमकी: सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

बिहार की अदालतों को निशाना बनाने की यह पिछले कुछ समय में 5वीं घटना है। इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 को पटना और बाढ़ कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली थी, जबकि 28 अगस्त को भी न्यायाधीशों के कक्ष में आईईडी (IED) लगाने का दावा किया गया था। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने बिहार के संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ताजा तलाशी में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन “RDX” के उल्लेख ने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है।