भारत-फ्रांस मेगा राफेल डील: 114 विमानों पर आज मुहर की उम्मीद

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान आज भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की ऐतिहासिक डील फाइनल होने की मजबूत उम्मीद है। यह डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये (लगभग 40 अरब डॉलर) की है, जो भारत के रक्षा इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य खरीद मानी जा रही है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा खरीद परिषद ने हाल ही में इस प्रस्ताव को देकर मंजूरी दी थी। डील के तहत 18 राफेल विमान फ्रांस से सीधे खरीदे जाएंगे, जबकि शेष 96 विमान भारत में ही मेक इन इंडिया पहल के तहत स्थानीय स्तर पर निर्मित किए जाएंगे। ये विमान उन्नत F-4 और संभावित F-5 स्टैंडर्ड के होंगे, जिसमें बेहतर रडार, नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर और AI क्षमताएं शामिल होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुंबई में मुलाकात के दौरान इस डील पर अंतिम मुहर लग सकती है। मैक्रों की तीन दिवसीय यात्रा में AI समिट, रक्षा सहयोग और अन्य क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी। इस डील से भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी, जो पहले से ही स्कॉर्पीन पनडुब्बियों और अन्य प्रोजेक्ट्स में सहयोग कर रही है।

इसके अलावा, दोनों देशों के बीच HAMMER मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन के लिए MoU साइन होने की भी संभावना है। यह मिसाइल राफेल विमानों से लॉन्च की जाती है और सटीक हमलों के लिए जानी जाती है। रक्षा संवाद में भारत-फ्रांस रक्षा समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाने पर भी सहमति बन सकती है।

यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को काफी बढ़ाएगी और क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि, अंतिम तकनीकी और वाणिज्यिक विवरणों पर बातचीत जारी है, लेकिन दोनों पक्षों ने इसे ‘ऐतिहासिक’ करार देने की उम्मीद जताई है।