बुधवार शाम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर एक मालगाड़ी के डिब्बे में अचानक आग भड़क उठी। इस डिब्बे में छह नई चार पहिया वाहन लदे हुए थे। घटना रूपसपुर के पास हुई, जिसमें घने धुएं का गुबार आसमान में फैल गया और इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटें और धुआं बचाव कार्य में चुनौती बन रहे थे, लेकिन सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
मालगाड़ी शाम करीब 4 बजे टूंडला से कानपुर की ओर जा रही थी। अचानक एक डिब्बे में आग लगने से आसपास के ग्रामीण भी घटनास्थल पर जमा हो गए। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और राहत-बचाव कार्य तेजी से चलाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडे ने बताया कि आग लगने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीएफसी का एक रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि, दूसरे रूट पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है।