मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के अंतर्गत आता है बमीठा गांव। इस गांव की बेटी निशानेबाज काजल बघेल आने वाले IISF वर्ल्ड कप में भारत का नेतृत्व करने जा रही है। इस प्रतियोगिता का आयोजन इटली में होने वाला है। 6 पहले काजल का खेलो इंडिया ट्रायल के तहत भोपाल सूटिंग एकेडमी में पहुंची और वहां नेशनल लेवल प्रतियोगिता में लगातार भाग लेकर कई पदक अपने नाम किए। काजल के लिए ये पहला अंतराष्ट्रीय मुकाबला है।
काजल की उपलब्धि पर गर्वान्वित है लोग
काजल के पिता पुष्पेंद्र सिंह बघेल पेशे से शिक्षक है। उन्होंने बताया कि काजल का 2019 में खेलो इंडिया के तहत शूटिंग में चयन हुआ। तब से काजल भोपाल की शूटिंग एकेडमी में रहकर प्रशिक्षण ले रही है। काजल की पढ़ाई के साथ लगातार शूटिंग में मेहनत करने का ही फल है कि आज वो इस मुकाम तक पहुंची है।
अच्छा प्रदर्शन रही चयन की वजह
पिछले पांच वर्षों में उन्होंने कई पदक जीते है। हाल ही में उन्होंने टीम इंडिया की तरफ से निशाना लगाया। उनके अच्छे प्रदर्शन के बाद ही नेशनल राइफल एसोसियेशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उनका चयन वर्ल्ड कप टीम में किया है। उनकी इस उपलब्धी पर स्थानीय लोगों ने गर्व जताया और उन्हें बधाई दी। काजल 1 जुलाई को इटली के लिए रवाना होंगी। वहां 4 से 9 जुलाई तक प्रतियोगिता आयोजित होगी।
काजल के पिता बोले
काजल के पिता पुष्पेंद्र सिंह बघेल पेशे से शिक्षक है। उन्होंने बताया कि काजल कबड्डी खेलती थी लेकिन जब 6 साल पहले शूटिंग कैम्प लगा तो काजल का सिलेक्शन हुआ। कैंप के बाद काजल शूटिंग में अपना करियर देखने लगी थी। उस कैंप में 3000 में सिर्फ 3 बच्चों का सलेक्शन हुआ था जिसमें काजल भी शामिल थी। उसके बाद काजल 5 साल से भोपाल में कॉलेज के पढ़ाई के साथ शूटिंग एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही।