भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला सहित चारों अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक ISS पहुंचे, देश में जश्न का माहौल

Shubhanshu Shukla reached ISS: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित चारों एस्ट्रोनॉट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर सफलतापूर्वक पहुंच चुके हैं। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि शुभांशु शुक्ला इस महत्वपूर्ण मिशन का संचालन कर रहे हैं। ड्रैगन अंतरिक्ष यान की डॉकिंग प्रक्रिया पूरी होते ही देश भर में जश्न का माहौल बन गया। शुभांशु ने अपने इस सफर को “देशवासियों की यात्रा” बताया है।

ड्रैगन यान की सफल डॉकिंग और भावनात्मक पल

एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के तहत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का ड्रैगन कैप्सूल गुरुवार (26 जून 2025) को भारतीय समयानुसार शाम करीब 4:05 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक जुड़ गया। अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी से करीब 28.5 घंटे की लंबी यात्रा के बाद यह उपलब्धि हासिल की। इस रोमांचक और गौरवपूर्ण क्षण को देखकर शुभांशु शुक्ला की मां डॉकिंग का सीधा प्रसारण देखते हुए भावुक हो गईं, जो एक मां के लिए अपने बेटे की असाधारण उपलब्धि का प्रत्यक्ष गवाह बनने का क्षण था।

परिवार की खुशी और देश का गर्व

शुभांशु शुक्ला के पिता, शंभू दयाल शुक्ला ने इस सफलता पर अपनी अपार खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमें बहुत खुशी है। सफल डॉकिंग हुई है, इसके लिए हम भगवान का धन्यवाद करते हैं। हमें यह देखकर बहुत अच्छा लगा। हमें अपने बच्चे पर गर्व है।” उनकी बहन शुचि मिश्रा ने भी अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “यह न केवल मेरे लिए, बल्कि सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण चरण है। मैं प्रार्थना करती हूं कि यह चरण भी जल्दी से गुजर जाए और वे सुरक्षित रहें।” यह पल पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।

अंतरिक्ष से शुभांशु का पहला संदेश और केंद्रीय मंत्री का अभिनंदन

स्पेसएक्स का फाल्कन-9 रॉकेट 25 जून को दोपहर 12:01 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से आईएसएस के लिए सफल उड़ान भरी थी, जिसमें एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्री सवार थे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “बधाई हो… एक्सिओम-4 डॉकिंग सफल रही। शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर कदम रखने के लिए तैयार हैं। उनकी 14 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा शुरू होने वाली है और पूरा विश्व उत्साह और उम्मीद के साथ देख रहा है।”

उड़ान भरने के कुछ घंटों बाद, शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से अपना पहला संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “वाह… अद्भुत सफर था… सच कहूं तो जब मैं कल लॉन्चपैड पर कैप्सूल ग्रेस में बैठा था तो मेरे दिमाग में एक ही विचार था कि चलो बस चलते हैं।” उनका यह संदेश उनकी दृढ़ता और रोमांच के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषणों के लिए नई उम्मीदें जगाता है।