दादी ने की 4 माह की पोती की हत्या, शव बोरी में बांधकर कुएं में फेंका

नर्मदापुरम: जिले के बरखेड़ी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक दादी ने सिर्फ इसलिए अपनी चार महीने की पोती की गला घोंटकर हत्या कर दी क्योंकि उसे पोते की चाह थी। यह घटना समाज में गहरी जड़ें जमाए लिंगभेद और बेटा-बेटी के भेदभाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

तीन दिन तक कुएं में पड़ा रहा शव

पुलिस के अनुसार, आरोपी मीनाबाई अपनी पोती के जन्म से असंतुष्ट थी और उसे पोता चाहिए था। रविवार को बच्ची आंगन में झूले पर सो रही थी, तभी दादी ने उसके मुंह में तौलिया ठूंस दिया और उसकी जान ले ली। इसके बाद शव को बोरी में बांधकर पास के सूखे कुएं में फेंक दिया। परिवारजन तीन दिन तक बच्ची की तलाश करते रहे। सोमवार को दादा को कुएं में एक संदिग्ध बोरी दिखी। मीनाबाई ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बोरी खोलकर बच्ची का शव बरामद किया।

पोस्टमार्टम और कबूलनामा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है। पूछताछ के दौरान मीनाबाई ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

बच्ची के पिता ने मीडिया से कहा कि वे केवल न्याय चाहते हैं। ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं और लोगों के बीच बेटा-बेटी के भेदभाव पर बहस छिड़ गई है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के सामने यह सख्त सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लड़के की चाह बेटियों की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेगी।