टेम्प्रेरी परमिट, चेसिस पर पंजीयन पड़ेगा भारी, शुल्क बढ़ेगा

भोपाल: प्रदेश में टेम्प्रेरी परमिट पर बस और वाहन चलाना अब भारी पड़ेगा परिवहन विभाग इसके लिए शुल्क बढ़ाने जा रहा है। इसी तरह चेसिस खरीदी के साथ ही वाहन का पंजीयन कराकर परिवहन विभाग का टैक्स बचाने वालों को भी अब ज्यादा टैक्स देना होगा। परिवहन विभाग इसके लिए मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन करने जा रहा है। इन संशोधनों पर दावे आपत्तियां बुलाए गए है। तीस दिन बाद ये नये संशोधित नियम लागू हो जाएंगे। प्रदेश में अभी तक टेम्प्रेरी परमिट लेकर स्टेट कैरेज के रूप में वाहन चलाने को हतोत्साहित करने के लिए इनका टैक्सmबढ़ाया जा रहा है। टेम्प्रेरी परमिट में अभी सौ किलोमीटर तक दो सौ रुपए प्रति सीट प्रति माह परमिट शुल्क लगता है। इसके बाद प्रत्येक दस किलोमीटर के लिए बारह रुपए प्रति सीट प्रति माह लगता है। अब टेम्प्रेरी परमिट पर पहले किलोमीटर से ही बारह रुपए प्रति सीट प्रति माह के हिसाब से परमिट शुल्क लगेगा वहीं स्थाई परमिट वाले वाहनों को पहले सौ किलोमीटर पर दो सौ रुपए परमिट शुल्क लगेगा। उसके बाद उन्हें बारह रुपए प्रति सीट प्रति माह प्रत्येक दस किलोमीटर के लिए देना होगा।

बारात बस का परमिट भी होगा महंगा

शादी ब्याह के लिए अस्थाई परमिट लेने पर अभी तक बारह रुपए प्रति सीट प्रति माह के हिसाब से परमिट शुल्क लगता था इसे बढ़ाकर अब बीस रुपए प्रति सीट प्रति माह किया जा रहा है। इससे बारात के लिए बस का परमिट भी महंगा हो जाएगा।

उपनगरों के बीच वाहन चलाने पर टैक्स घटेगा

महानगरों के बाहर उपनगरों को जोड़ने के लिए चलने वाले वाहनों पर पहले 150 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह परमिट शुल्क लगता था अब इसे प्रोत्साहित करने के लिए उपनगरों में वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए इस शुल्क को प्रति माह की जगह प्रति तीन माह के लिए कर दिया गया है।